कौशल, अनुभव और कमाई का संगम – प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना (PM-NAPS)
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना युवाओं को सीखते हुए कमाने और उद्योगों में वास्तविक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।
नई दिल्ली,
युवाओं को उद्योग जगत से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (PM-NAPS) युवाओं को कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रही है।
इस योजना के तहत प्रशिक्षु न केवल व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, बल्कि उन्हें सीखते हुए ₹6,800 से ₹12,300 प्रति माह का मानदेय भी दिया जाता है। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी रोजगार संभावनाएँ कई गुना बढ़ जाती हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि भारत के युवा केवल सिद्धांत न सीखें, बल्कि उद्योगों में काम करके वास्तविक कौशल विकसित करें। इस योजना के माध्यम से लाखों युवाओं को देशभर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे वे “सीखो और कमाओ” के सिद्धांत पर आगे बढ़कर देश की उत्पादक शक्ति बन रहे हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “PM-NAPS युवाओं को न सिर्फ आर्थिक सहायता देता है बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करता है। यह योजना शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता – तीनों को जोड़ती है।”
जो युवा अपने करियर की दिशा तय करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार www.apprenticeshipindia.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं और अपने क्षेत्र के अनुसार प्रशिक्षुता अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
PM-NAPS – पढ़ाई से आगे, असली दुनिया में सीखने और कमाने का मौका।