भारत में एआई का नया युग: युवाओं के लिए खुल रहे करियर के व्यापक अवसर
केंद्रीय बजट 2025 के मजबूत समर्थन से भारत में एआई करियर तेज़ी से बढ़ रहा है। जनरेटिव एआई और मशीन लर्निंग युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं।
केंद्रीय बजट 2025 से एआई शिक्षा, रोजगार और नवाचार को मिला बड़ा बल
नई दिल्ली | 7 फरवरी 2026
भारत तेज़ी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय बजट 2025-26 में एआई को मिली प्राथमिकता और उद्योगों में बढ़ते उपयोग के चलते, आने वाले तीन वर्षों में एआई देश के युवाओं के लिए सबसे आकर्षक और सुरक्षित करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है।
सरकार की नीतिगत पहल और निजी क्षेत्र की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि भारत अब केवल एआई अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि एआई नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है।
बजट 2025 में एआई को ऐतिहासिक समर्थन
केंद्रीय बजट 2025-26 में सरकार ने एआई को राष्ट्रीय विकास की धुरी के रूप में स्थापित किया है। IndiaAI Mission के लिए ₹2,000 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो शोध, स्टार्टअप्स, डिजिटल अवसंरचना और कौशल विकास को मजबूती देगा।
इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में एआई को बढ़ावा देने के लिए ₹500 करोड़ का “एआई उत्कृष्टता केंद्र” स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य पाठ्यक्रमों का आधुनिकीकरण, व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली और भविष्य की कार्यशक्ति तैयार करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।
तेज़ी से बढ़ते एआई करियर अवसर
एआई अब केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग स्वास्थ्य, बैंकिंग, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण, ई-कॉमर्स और सरकारी सेवाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
आने वाले वर्षों में जिन भूमिकाओं की मांग सबसे अधिक रहने की संभावना है, वे हैं:
- जनरेटिव एआई इंजीनियर (Generative AI Engineer)
बड़े भाषा मॉडल (LLMs), कंटेंट जनरेशन, एआई एजेंट्स और स्मार्ट एप्लिकेशन विकसित करने में विशेषज्ञ। - मशीन लर्निंग इंजीनियर (Machine Learning Engineer)
डेटा आधारित एल्गोरिद्म और एआई मॉडल डिज़ाइन, ट्रेन और डिप्लॉय करने वाले पेशेवर। - एआई प्रोडक्ट एवं सॉल्यूशन आर्किटेक्ट (AI Product & Solution Architect)
व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार एंड-टू-एंड एआई समाधान की रूपरेखा तैयार करने वाले विशेषज्ञ। - डेटा साइंटिस्ट (Data Scientist)
डेटा विश्लेषण, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग और निर्णय समर्थन के लिए एआई तकनीकों का उपयोग करने वाले विशेषज्ञ। - प्रॉम्प्ट इंजीनियर एवं एआई ऑटोमेशन विशेषज्ञ (Prompt Engineer & AI Automation Specialist)
जनरेटिव एआई से सटीक आउटपुट प्राप्त करने हेतु प्रॉम्प्ट डिज़ाइन और ऑटोमेशन सिस्टम विकसित करने वाले पेशेवर।
जनरेटिव एआई कोर्स बना सबसे प्रभावशाली विकल्प
शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में जनरेटिव एआई एवं मशीन लर्निंग इंजीनियरिंग कोर्स सबसे अधिक करियर ग्रोथ देने वाले कोर्स के रूप में उभरे हैं। इन पाठ्यक्रमों में बड़े भाषा मॉडल, एआई एप्लिकेशन निर्माण, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और वास्तविक परियोजनाओं पर काम कराया जाता है।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियाँ अब केवल डिग्री नहीं बल्कि व्यावहारिक कौशल और प्रोजेक्ट अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।
एआई शिक्षा बन रही मुख्यधारा
सरकारी नीतियों और बजटीय समर्थन के चलते देशभर के शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र और स्किल डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म एआई आधारित पाठ्यक्रम शुरू कर रहे हैं। डेटा साइंस + एआई, क्लाउड आधारित एआई और एमएलओपीएस जैसे कोर्स विशेष रूप से कार्यरत पेशेवरों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।
एआई-सक्षम कक्षाओं और डिजिटल लैब्स से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
एआई करियर के लिए तीन वर्षीय रोडमैप
विशेषज्ञों के अनुसार एआई क्षेत्र में करियर बनाने के लिए यह रणनीति उपयोगी है:
- पहला वर्ष: प्रोग्रामिंग, डेटा और एआई की बुनियादी समझ
- दूसरा वर्ष: जनरेटिव एआई, कंप्यूटर विज़न या एनएलपी में विशेषज्ञता
- तीसरा वर्ष: इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट और रोजगार
लगातार सीखते रहना और तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अपडेट रखना अत्यंत आवश्यक है।
भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा एआई
नीति, शिक्षा और उद्योग के साझा प्रयासों से एआई भारत के कार्यबल और अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई न केवल नए रोजगार पैदा करेगा, बल्कि पारंपरिक क्षेत्रों की उत्पादकता और नवाचार क्षमता भी बढ़ाएगा।
सरकारी निवेश और उद्योग सहयोग के साथ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से अग्रसर करेगी।